5 जनवरी 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बयान दिया कि अगर भारत रूसी तेल की खरीद को कम नहीं करता है, तो अमेरिका भारतीय सामानों पर और ज़्यादा टैरिफ (आयात कर) लगा सकता है। ट्रंप ने कहा कि यह कदम व्यापार और कूटनीतिक तनाव का हिस्सा है, क्योंकि अमेरिका रूस के खिलाफ कड़े प्रतिबंध लगा रहा है। ट्रंप ने भारत के खिलाफ मौजूदा टैरिफ की भी पुष्टि की है, जो पिछले साल से बढ़ा हुआ है और कुल 50% तक पहुँच चुका है — यह किसी भी देश के लिए सबसे ज़्यादा अमेरिकी टैरिफ है।
भारत ने अब अमेरिका की मांगों के मद्देनज़र यह भी कहा है कि वह अपनी रिफ़ाइनर कंपनियों से साप्ताहिक रूसी तेल आयात डेटा माँग रहा है, ताकि व्यापार समझौते के लिए पारदर्शिता बनी रहे। यह कदम यह संकेत देता है कि दोनों देशों के बीच व्यापार बातचीत जारी है, बावजूद इसके कि तनाव अभी भी स्पष्ट है।
👉 टैरिफ का असर: इससे भारतीय निर्यात उद्योग को लंबे समय में नुकसान हो सकता है और कुछ क्षेत्रों में व्यापार मंदी भी देखने को मिल सकती है।